इंग्लैंड की एशेज मुसीबत: बाजबॉल ने आखिरी परीक्षा में कैसे दिया साथ
बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैककुलम के नेतृत्व में इंग्लैंड की आक्रामक 'बाजबॉल' शैली की असली परीक्षा ऑस्ट्रेलिया में हुई 2025/26 की एशेज सीरीज थी, और इंग्लैंड फिर से निराशा हाथ लेकर लौटा है।
बाजबॉल युग का रिकॉर्ड: एक नज़र
| अवधि | मैच | जीते | हारे | ड्रॉ | जीत % |
|---|---|---|---|---|---|
| जून 2022 – 2023 | 18 | 13 | 4 | 1 | 72.22% |
| 2024 के बाद | 28 | 13 | 14 | 1 | 46.43% |
| प्रतिद्वंद्वी | मैच | जीते | हारे | ड्रॉ | जीत % |
|---|---|---|---|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया और भारत के खिलाफ | 21 | 7 | 12 | 2 | 33.33% |
| अन्य टीमों के खिलाफ | 25 | 19 | 6 | 0 | 76% |
सीरीज का सार: रन-रेट का रिकॉर्ड, पर जीत ऑस्ट्रेलिया की
2025/26 एशेज ने सबसे ज्यादा रन-रेट का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड से बेहतर प्रदर्शन किया।
| सीरीज | मेजबान | कुल रन-रेट | इंग्लैंड का रन-रेट | ऑस्ट्रेलिया का रन-रेट |
|---|---|---|---|---|
| एशेज 2025/26 | ऑस्ट्रेलिया | 4.07 | 3.89 | 4.25 |
| एशेज 2023 | इंग्लैंड | 3.93 | 4.74 | 3.35 |
ऑस्ट्रेलिया की ट्रैविस हेड की आक्रामक पारियों, एलेक्स केरी के संघर्ष और मिचेल स्टार्क के निचले क्रम के योगदान ने फर्क पैदा किया। इंग्लैंड को बल्लेबाजी में अपनी शैली बदलनी पड़ी; उनका रन-रेट सीरीज से पहले 4.44 था जो घटकर 3.89 रह गया।
टॉप-ऑर्डर का संघर्ष: इंग्लैंड की बड़ी कमजोरी
इंग्लैंड के शुरुआती बल्लेबाज पूरी सीरीज में फेल रहे। जैकब बेथेल के अंतिम टेस्ट में शतक के अलावा, टॉप-थ्री से कोई खास योगदान नहीं मिला।
ओपनिंग पार्टनरशिप एशेज 2025/26 में:
| टीम | रन | औसत | बॉल प्रति विकेट | सर्वोच्च |
|---|---|---|---|---|
| इंग्लैंड | 191 | 19.1 | 22 | 51 |
| ऑस्ट्रेलिया | 398 | 39.8 | 46.2 | 77 |
ज़ैक क्रॉली और बेन डकेट की जोड़ी सिर्फ औसतन 22 गेंदें टिक सकी, जो किसी भी टेस्ट सीरीज में तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। डकेट पूरी सीरीज में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके।
बल्लेबाजी स्ट्राइक-रेट में गिरावट:
| खिलाड़ी | जून 2022 – अगस्त 2025 | एशेज 2025/26 |
|---|---|---|
| जो रूट | 66.89 | 58.3 |
| हैरी ब्रुक | 87.52 | 81.73 |
| बेन स्टोक्स | 65.09 | 36.58 |
| ज़ैक क्रॉली | 73.48 | 64.08 |
इरादा या लापरवाही? ब्रुक और स्मिथ की कहानी
हैरी ब्रुक और जेमी स्मिथ से सीरीज से पहले बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे महत्वपूर्ण मौकों पर पारी नहीं बढ़ा सके। ब्रुक ने 358 रन बनाए, लेकिन पांच बार 30 और 45 के बीच आउट हुए। स्मिथ की कुछ चुनिंदा पारियों ने उम्मीद जगाई, लेकिन अक्सर उनकी आक्रामकता निर्णायक पारी में तब्दील नहीं हो सकी।
गेंदबाजी और फील्डिंग में कमजोरी
इंग्लैंड की गेंदबाजी भी प्रभावी नहीं रही। ओपनिंग गेंदबाजों का प्रदर्शन खासतौर पर निराशाजनक रहा।
ओपनिंग गेंदबाजों के आंकड़े:
| टीम | गेंदें | रन | विकेट | औसत | इकॉन |
|---|---|---|---|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | 1804 | 1120 | 57 | 19.64 | 3.72 |
| इंग्लैंड | 1698 | 1137 | 31 | 36.67 | 4.01 |
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज 'गुड लेंथ' पर अधिक गेंदबाजी करने में सफल रहे, जबकि इंग्लैंड के तेज गेंदबाज 'हिट-द-डेक' शॉर्टर लंबाई पर ज्यादा निर्भर रहे। फील्डिंग में भी इंग्लैंड ने 18 कैच ड्रॉप किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 12।
निष्कर्ष:
ऑस्ट्रेलिया में एशेज हार इंग्लैंड के लिए 'बाजबॉल' दर्शन पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। टॉप-ऑर्डर की विफलता, मध्यक्रम का निर्णायक पलों में फेल होना, और गेंदबाजी की कमजोरी ने एक बार फिर इंग्लैंड को पुरानी कहानी दोहराने पर मजबूर कर दिया।
