अथर्व ताईडे के शतक ने विदर्भ को विजय हजारे ट्रॉफी दिलाई
विदर्भ ने बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सॉराष्ट्र पर 38 रनों की शानदार जीत के साथ अपना पहला विजय हजारे ट्रॉफी खिताब जीता। अथर्व ताईडे के 128 रनों की शानदार पारी और यश ठाकुर की चार विकेटों की अगुवाई में अनुशासित गेंदबाजी ने उन्हें पिछले साल कर्नाटक से फाइनल में हार के दर्द को भुलाने में मदद की।
पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ ने 317 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें ताईडे का 118 गेंदों का योगदान रहा। ओपनर ताईडे, जो इस टूर्नामेंट में तीन बार अर्धशतक लगा चुके थे, ने आखिरकार दो बार की पूर्व विजेता टीम के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले में शतक जड़ा।
ताईडे ने शुरुआत में सावधानी बरती और अर्धशतक पूरा करने में 66 गेंदों का समय लिया, जबकि जयदेव उनादकट और चेतन सकरिया ने अनुशासित लाइन से गेंदबाजी की। टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले अमन मोखड़े (33 रन) के आउट होने के बाद ताईडे को यश राठौड़ (54 रन) का साथ मिला और दोनों ने पारी में गति ला दी। ताईडे ने 15 चौके और 3 छक्के लगाए।
317 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सॉराष्ट्र को शुरुआती झटके लगे। नचिकेत भूते और यश ठाकुर ने ओपनर्स को जल्दी आउट कर दिया। प्रेरक मांकड़ (88 रन) और चिराग जानी (64 रन) ने 93 रनों की साझेदारी से उम्मीद जगाई, लेकिन कप्तान हर्ष दुबे ने मांकड़ को एलबीडब्ल्यू करके मोड़ लिया। इसके बाद यश ठाकुर ने पूंछ को साफ करते हुए 4 विकेट लिए और विदर्भ ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
संक्षिप्त स्कोर: विदर्भ 317/8 (अथर्व ताईडे 128, यश राठौड़ 54; अंकुर पंवार 4-65) ने सॉराष्ट्र 279 (प्रेरक मांकड़ 88, चिराग जानी 64; यश ठाकुर 4-50, नचिकेत भूते 3-46) को 38 रनों से हराया।
