मैच की दिशा बदलने वाली साझेदारी
यह टी20 विश्व कप में अब तक का सबसे अधिक स्पिन वाला पिच था। दूसरे नंबर पर स्विंग थी। हालात चुनौतीपूर्ण थे, बाउंड्री लंबी थी। ऐसे में न्यूजीलैंड ने 168 रन बनाए।
न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वे 6 विकेट पर सिर्फ 84 रन पर थे। मिचेल सैंटनर और कोल मैककॉन्ची ने तब न्यूजीलैंड को संभाला और टीम को 168 रन तक पहुंचाया। यह स्कोर न्यूजीलैंड की जीत और श्रीलंका के विश्व कप से बाहर होने का कारण बना।
दोनों बल्लेबाज शुरुआत में घबराए हुए थे। सैंटनर 8 गेंदों पर 3 रन, मैककॉन्ची 11 गेंदों पर 3 रन बना पाए थे। पारी के बीच में ड्रिंक्स ब्रेक के बाद उनकी रणनीति बदली। मैककॉन्ची ने कहा, "हमने स्पिन के खिलाफ प्रोएक्टिव रहने की कोशिश की।"
श्रीलंका ने अपनी फील्डिंग से दबाव बनाए रखा। लेकिन आखिरी चार ओवरों में तेज गेंदबाजी का विकल्प चुनना महंगा साबित हुआ। मैककॉन्ची ने चमीरा पर मिड-विकेट पर छक्का जड़ा। सैंटनर ने थीक्शना की गेंदों को सटीकता से निशाना बनाया। सिर्फ दो ओवरों में 39 रन बनाए गए।
मैककॉन्ची ने बताया, "छोटी बाउंड्री होने पर आपको पूरा कॉन्टैक्ट करने की जरूरत नहीं, बस सही पोजीशन में रहना जरूरी है। सैंटनर के साथ बैटिंग करना शानदार रहा।"
रचिन रविंद्र ने कहा, "हम डगआउट में थोड़ा नर्वस थे, लेकिन उन्होंने दबाव सहा और सही समय पर जवाबी हमला किया।"
श्रीलंका के कप्तान दासुन शानका ने आखिरी ओवरों में तेज गेंदबाजी के फैसले को सही ठहराया, "चमीरा और मदुशंका ने पिछले मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था। कभी-कभी एक्जीक्यूशन सही नहीं हो पाता।"
न्यूजीलैंड ने कठिन परिस्थितियों में खुद को ढाला, रणनीति बनाई और अंततः मैच का रुख बदल दिया।
