'एक बूढ़े आदमी के लिए नई चुनौती' – संदीप पाटिल की मेंटर भूमिका
संदीप पाटिल ने क्रिकेट में कई भूमिकाएँ निभाई हैं – खिलाड़ी, कप्तान, चयनकर्ता, कोच, एनसीए निदेशक और प्रशासक – लेकिन अपने 50 साल के करियर में उन्होंने कभी मेंटर का रोल नहीं किया था। जब मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने उन्हें यह पेशकश की, तो वे हैरान, उत्साहित और खुश हुए।
"मुंबई के लिए मेरा पहला रणजी मैच 1976 में था। 50 साल बाद, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे यह मौका मिलेगा। मैं उत्साहित हूँ," पाटिल (69) ने कहा।
यह भूमिका उन्हें नर्वस भी करती है। "मैं नर्वस हूँ। मुंबई के पास 42 रणजी खिताब हैं। कोच, चयनकर्ता, समिति के सदस्य, MCA – सब हैं। यह एक बूढ़े आदमी के लिए नई शुरुआत और नई चुनौती है," उन्होंने कहा।
मुंबई पिछले सीजन में खिताब जीतने से चूक गई थी। आखिरी बार उन्होंने 2023-24 सीजन में रणजी ट्रॉफी जीती थी।
"मैं खुश होऊँगा अगर मेरा अनुभव खिलाड़ियों के काम आए। मेरी सोच सिर्फ रणजी खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। अगर मैं युवाओं की भी मदद कर सकूँ, तो मुझे खुशी होगी," पाटिल ने कहा।
वे दिलीप वेंगसरकर के साथ फिर से जुड़ने को लेकर विशेष रूप से खुश हैं, जो MCA के सलाहकार हैं। "हमने साथ में स्कूल क्रिकेट, यूनिवर्सिटी, बॉम्बे और इंडिया के लिए खेला। दिलीप जैसा व्यक्ति होना बहुत सकारात्मक है।"
