‘मेरे मन का एक हिस्सा सोचता रहता’: विराट कोहली ने कहा, अगर वह RCB के साथ कभी नहीं जीते होते

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‘मेरे मन का एक हिस्सा सोचता रहता’: विराट कोहली ने कहा, अगर वह RCB के साथ कभी नहीं जीते होते
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विराट कोहली ने कहा: अगर RCB के साथ कभी नहीं जीता होता तो मन में सवाल उठता

विराट कोहली के लिए IPL खिताब जीतने के बाद की भावनाओं को शब्दों में पिरोना अब भी मुश्किल है। RCB पॉडकास्ट पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "आखिरी ओवर की आखिरी चार गेंदों में जो महसूस किया, उसे समझाना बहुत मुश्किल है।"

जब 3 जून, 2025 को आखिरकार यह हुआ, तो वह नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच पर घुटनों के बल गिर गए। फिर दौड़कर रवि शास्त्री की बाहों में समा गए। उस जश्न भरी रात में उनके साथ एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल भी थे।

18 साल का सफर

कोहली ने 2008 में एक किशोर के रूप में RCB से शुरुआत की थी। वह 2011 में एकमात्र खिलाड़ी थे जिन्हें रिटेन किया गया। उन्होंने फ्रैंचाइज़ी को अपनी "जवानी, चरम और अनुभव" दिया।

डिविलियर्स के बारे में कोहली ने कहा, "एबी 2011 में आए और भारत में एक आइकन बन गए। प्रशंसकों ने उन्हें जिस तरह अपनाया, वह अविश्वसनीय था।"

गेल के बारे में उन्होंने बताया, "वह घर पर बैठे थे, सीज़न के बीच में बुलाए गए और उन्होंने अपने जीवन का सबसे शानदार सीज़न खेला। एक हफ्ते में उनकी ज़िंदगी बदल गई।"

भावनाओं का उमड़ना

कोहली ने कहा कि जीत के बाद की भावनाएं "उठकर आईं – घुटनों पर गिरना, हाथ जोड़कर 'थैंक यू' कहना। कि मैं खेल खत्म करने से पहले यह अनुभव कर सका।"

क्या होता अगर नहीं जीते होते?

"हालांकि मैं इसे लेकर पछतावा नहीं करता, लेकिन मन का एक हिस्सा सोचता कि यह पल कैसा होता।"

उन्होंने साफ कहा, "मैं पूरी ईमानदारी से कह सकता हूं कि अगर शुरुआती सालों में जीत गए होते, तो यह 5% भी फीलिंग नहीं होती। 18 साल बाद यह होना मेरे क्रिकेट करियर का सबसे अच्छा अनुभव रहा।"



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