शांतो बोले: 'यह टीम और आगे जा सकती है, बड़े सपने हैं'
"अब तक जो हुआ, उससे संतुष्ट नहीं हूं। मेरी उम्मीदें और बड़ी हैं।"
बांग्लादेश टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने कहा कि रिकॉर्ड उनके लिए मायने नहीं रखते। पाकिस्तान के खिलाफ क्लीन स्वीप के बाद वह टीम के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन गए हैं। लेकिन उनका फोकस टीम को और ऊंचाई पर ले जाने पर है।
मुख्य बातें:
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रिकॉर्ड पर नहीं, टीम पर फोकस: "आठ टेस्ट जीतना बड़ा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं। इस टीम में और आगे जाने की क्षमता है।"
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स्पोर्टिंग विकेट का फैसला: सिल्हट में स्पोर्टिंग पिच खेलने का फैसला सामूहिक था। मुश्फिकुर रहीम और मोमिनुल हक जैसे सीनियर खिलाड़ियों से चर्चा के बाद लिया गया। "अगर हमें टीम बनानी है तो ऐसे बहादुर फैसले लेने होंगे।"
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बॉलिंग अटैक ताकत: "पांच क्वालिटी गेंदबाज होने से 20 विकेट लेना संभव हुआ। अब बल्लेबाजों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे 400-500 रन बनाएं।"
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ओपनिंग जोड़ी को लेकर चिंता नहीं: "मैं घबराया नहीं हूं। इन खिलाड़ियों को मौका देना होगा। कप्तान, कोच, मीडिया और फैंस सबको धैर्य रखना होगा।"
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खुद की बल्लेबाजी: "मेरे 14 शतक हैं। यह बहुत बड़ी बात नहीं। मैं और शतक चाहता हूं, वो शतक जो टीम को जिताएं।"
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अनुभवी खिलाड़ियों का रोल: "मुश्फिक भाई से काफी कुछ सीखा है। मैदान पर विपक्षी को कड़ी चुनौती देना सीख रहे हैं।"
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जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया दौरा: "जिम्बाब्वे सीरीज अहम है लेकिन हार-जीत से ज्यादा अहम है टीम का बिल्ड-अप। ऑस्ट्रेलिया में पहली बार खेलूंगा। वहां पांच दिन कैसे टिकते हैं, यह पहला लक्ष्य होगा।"
