टेक्सास सुपर किंग्स: क्या स्थायी दावेदार आखिरकार खिताब जीत पाएंगे?
चेन्नई सुपर किंग्स की विरासत टेक्सास क्रिकेट में भी उतर आई है। ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम में पीली भीड़ और सीटियों की गूंज ने अमेरिका में CSK का अनुभव दोहराया है। लेकिन खिताब अब भी नहीं मिला।
TSK अब तक MLC में 'लगभग' टीम रही है। लगातार तीनों सीज़न में प्लेऑफ में पहुंचने के बावजूद चैंपियन नहीं बन पाई। पिछले सीज़न में सात जीत के बाद भी खिताब नहीं जीत पाने के कारण टीम में बड़े बदलाव किए गए हैं।
प्रमुख बदलाव
डेवोन कॉनवे का जाना सबसे बड़ा झटका है। तीन सीज़न में 600+ रन बनाने वाले कॉनवे और फाफ डु प्लेसिस की जोड़ी टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ थी। मार्कस स्टोइनिस, नूर अहमद और डेरिल मिशेल भी टीम छोड़ चुके हैं।
फाफ डु प्लेसिस – कप्तान और स्तंभ
42 साल के फाफ लगातार दो सीज़न में 400+ रन बनाकर उम्र को चुनौती दे रहे हैं। 2024 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे, 2025 में मोनांक पटेल से थोड़े से पीछे रह गए।
अकील होसेन – गेम चेंजर
पिछले सीज़न में चोटिल मिशेल मार्श की जगह लेने वाले होसेन ने शानदार प्रदर्शन किया। 4.8 की इकॉनमी से 10 से कम के औसत से विकेट लिए। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें IPL में CSK ने अनुबंधित किया।
बल्लेबाजी
- डोनोवन फरेरा – फिनिशर की भूमिका निभाएंगे, हाल ही में IPL में अच्छा प्रदर्शन किया
- रिली रोसोव – दो साल बाद MLC में वापसी, इससे पहले LA नाइट राइडर्स के लिए खेले थे
- वियान मुल्डर – दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर
गेंदबाजी
नांद्रे बर्गर और एडम मिल्ने की तेज गेंदबाजी जोड़ी बरकरार रखी गई है। दोनों अमेरिकी पिचों पर भी रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं।
भारतीय मूल के खिलाड़ी और अमेरिकी प्रतिभाएं
- शुभम रंजने – मिडिल ऑर्डर में धमाकेदार प्रदर्शन से अमेरिकी टीम में जगह बनाई
- मिलिंद कुमार – ODI में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले अमेरिकी बल्लेबाज
- साई तेजा मुक्कामल्ला – अमेरिकी उप-कप्तान, T20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड के खिलाफ 79 रनों की पारी खेली
- अंशी डी सिल्वा – श्रीलंका U19 के पूर्व तेज गेंदबाज, अमेरिकी क्रिकेट के उभरते सितारे
- अभिमन्यु लांबा – राजस्थान से भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके अनुभवी गेंदबाज
चिंता का विषय
कॉनवे-डु प्लेसिस की साझेदारी के टूटने के बाद घरेलू बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ गया है। पिछले तीन सीज़न में TSK के आधे से ज्यादा रन सिर्फ इन दोनों के बल्ले से आए थे। इस सीज़न में भारतीय मूल के अमेरिकी बल्लेबाजों को जिम्मेदारी उठानी होगी।
