नितीश रेड्डी का मौका: सिर्फ भरने से कहीं आगे
नितीश कुमार रेड्डी ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनके अनुभव की कमी है। भारत के लिए उन्होंने सिर्फ 4 वनडे और 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जबकि टेस्ट में 10 कैप। उन्होंने आईपीएल फाइनल खेला और एमसीजी में टेस्ट शतक बनाया, लेकिन सीमित ओवरों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौके कम मिले।
इसकी एक बड़ी वजह हार्दिक पांड्या का होना है, जो व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं। हार्दिक को चोटों ने परेशान किया है, लेकिन वे हर बार महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों के लिए फिट होने का रास्ता खोज लेते हैं।
अफगानिस्तान सीरीज नितीश के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हार्दिक चोटिल हैं। अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए भारत विकल्प तलाश रहा है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा, "हार्दिक इस सीरीज से बाहर हैं। लेकिन यह नितीश कुमार रेड्डी के लिए एक और मौका है। वह पिछले दो सालों से शानदार खेल रहे हैं।"
आईपीएल के दौरान नितीश ने पहले से ज्यादा तेज गेंदबाजी की। मोर्कल ने बताया कि उन्होंने तकनीकी सुधार पर काम किया है। "हमने उनकी गेंदबाजी में संतुलन सुधारने पर काम किया ताकि ऊर्जा विकेट की ओर बहे।" बल्लेबाजी में शायद ही कोई शक है, लेकिन गेंद से उनकी क्षमता अभी साबित होनी बाकी है। अगर नितीश असली तीसरे सीमर के रूप में उभरते हैं, तो वह एक अलग ही खिलाड़ी बन जाएंगे।
