दृढ़ता का फल मीठा होता है, मोसाद्देक की वापसी पर चमक

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दृढ़ता का फल: मोसद्देक हुसैन की शानदार वापसी

चार साल के बहिष्कार के बाद मोसद्देक हुसैन के सामने केवल दो विकल्प थे – या तो हार मान लें या अंत तक लड़ते रहें। उन्होंने लड़ना चुना।

इस साल ढाका प्रीमियर लीग में अबाहनी लिमिटेड के लिए उन्होंने 77.50 की औसत से 310 रन बनाए और 12 विकेट लिए। इस प्रदर्शन ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में वापसी दिलाई।

मोसद्देक ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका। वे सीरीज में सबसे ज्यादा 157 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और दो विकेट भी लिए, जिससे प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता।

मेहदी हसन ने कहा, "यह टीम के लिए वरदान है। चार साल बाद लौटकर उन्होंने ऐसी बल्लेबाजी की जैसे वे कभी गए ही न हों।"

कोच हन्नान सरकार ने बताया, "वे पांचवें या छठे नंबर के विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं। उन्हें पता है कि अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे खेलना है। यह वातावरण उनके लिए बिल्कुल परिचित था।"

हन्नान ने स्वीकार किया कि मोसद्देक ने एक समय उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन महमुदुल्लाह और मुश्फिकुर रहीम के संन्यास के बाद उन्हें वापसी का मौका दिखाई दिया।

उन्होंने कहा, "पिछले दो वर्षों में उनकी सोच बदली है। जब उन्होंने देखा कि स्थितियां अनुकूल हो रही हैं तो उन्होंने खुद को फिर से तैयार किया।"

अबाहनी में प्रशिक्षण के दौरान मोसद्देक ने अपने आराम क्षेत्र से बाहर निकलकर तेज गेंदबाजी के खिलाफ सुधार किया। सीमेंट विकेट पर अभ्यास करके उन्होंने अपने पैरों की गति में सुधार किया।

मोसद्देक का लक्ष्य 2027 विश्व कप टीम का हिस्सा बनना है और इस सीरीज ने उनकी शुरुआत सही दिशा में कर दी है।



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