भारतीय टीम के लिए तेज़ गेंदबाज़ी एक बड़ी चिंता बनकर उभरी है। मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ सबसे कम विकेट लेने वाली, सबसे खराब औसत और स्ट्राइक रेट वाली गेंदबाज़ी लाइन हैं। वे तीसरे सबसे महंगे पेस अटैक भी हैं।
| टीम | तेज़ गेंदबाज़ों का % | विकेट | औसत | स्ट्राइक रेट | इकॉनमी |
|---|---|---|---|---|---|
| भारत | 28.2 | 2 | 64.50 | 45.5 | 8.50 |
यह सिर्फ इस टूर्नामेंट की बात नहीं है। पिछले टी20 वर्ल्ड कप 2024 से लेकर अब तक, भारतीय तेज़ गेंदबाज़ सबसे खराब औसत और दूसरे सबसे खराब स्ट्राइक रेट वाले रहे हैं।
टीम प्रबंधन अभी भी अपने दो सर्वश्रेष्ठ तेज़ गेंदबाज़ों के चयन को लेकर अनिश्चित है। तीन मैचों में तीन अलग-अलग कॉम्बिनेशन आज़माए गए हैं। श्रेयंका पाटिल की चोट ने डेथ ओवरों में एक बड़ा खालीपन पैदा कर दिया है।
नंदिनी शर्मा के पास कई तरह की क्षमताएं हैं, लेकिन उन पर अभी पूरा भरोसा नहीं जताया गया। सबसे बड़ी चिंता यह है कि तेज़ गेंदबाज़ पॉवरप्ले में शुरुआती दबाव नहीं बना पा रहे हैं। वे हार्ड लेंथ पर ज़रूरत से ज़्यादा गेंदबाज़ी कर रहे हैं, जिससे बल्लेबाज़ों पर कोई खास दबाव नहीं बन पा रहा।
