Kunwarjeet सिंह: शुभमन गिल के बैकयार्ड नेट्स का दूसरा लड़का
शुभमन गिल के साथ बचपन में नेट्स में साथ बिताने वाले कुंवरजीत सिंह की कहानी।
बचपन और संघर्ष
कैलिफोर्निया में जन्मे कुंवरजीत नौ साल की उम्र में पंजाब आए। गिल के साथ उनके दिन सूरज निकलने से पहले शुरू होते थे। सुबह सात बजे तक वे कुंवरजीत के घर के बैकयार्ड नेट्स में 500-500 गेंदें खेल चुके होते थे। नाश्ते के बाद शाम को 200 गेंदों का एक और सत्र होता था।
भाग्य का फर्क
गिल ने 20 साल की उम्र से पहले भारत का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन कुंवरजीत पंजाब की अंडर-19 टीम में भी जगह नहीं बना पाए।
"क्रिकेट सबको कुछ न कुछ देती है, पर उसे भारत में कभी कुछ नहीं मिला," – अग्नि देव चोपड़ा, MI न्यूयॉर्क के टीममेट
नेट्स का हीरो, मैचों में नहीं
कुंवरजीत खुद को "नेट बैट्समैन" बताते हैं – जो प्रैक्टिस में शानदार दिखे लेकिन मैचों में 30-40 रन बनाकर आउट हो जाते। अंडर-19 तक पंजाब का प्रतिनिधित्व न कर पाने के बावजूद उन्होंने कॉलेज छोड़कर क्रिकेट पर पूरा ध्यान लगाया।
बड़ा ब्रेक
पंजाब अंडर-23 में नेहाल वढेरा की चोट के बाद मौका मिला। स्टेट किट मिलने पर उन्होंने परिवार को भावुक वीडियो भेजा।
लेकिन BCCI ने गैर-भारतीय नागरिकों को घरेलू क्रिकेट से रोक दिया। तब पूर्व पंजाब बल्लेबाज सनी सोहल ने अमेरिका जाने की सलाह दी।
MLC में सफलता
USA के 50-ओवर चैंपियनशिप में नाबाद 70 रन और माइनर लीग क्रिकेट में 95 रन के बाद MI न्यूयॉर्क ने उन्हें चुना।
"पहली बार मैंने अपने पिता को खुशी से रोते देखा," – कुंवरजीत
MI न्यूयॉर्क का खिताबी पल
2025 के फाइनल में तीन विकेट पर 1 रन के स्कोर पर आए कुंवरजीत ने 13 गेंदों में नाबाद 22 रन बनाकर टीम को खिताब दिलाया।
कोच मार्क बाउचर ने उनकी सकारात्मकता की तारीफ की और MI बैज दिया। सबसे अनमोल चीज थी – जब उनकी मां ने विजेता पदक चूमकर गले में पहना।
