Mooney की दमदार पारी, ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं T20 विश्व कप जीता
लगातार दो विश्व कप हारने के बाद, नई कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार वापसी की है। उन्होंने रिकॉर्ड सातवीं T20 विश्व कप ट्रॉफी बिना हारे जीती, 151 रन के लक्ष्य को 17.1 ओवर में 7 विकेट से चेज़ किया। यह 1993 के बाद ब्रिटेन की धरती पर ऑस्ट्रेलिया की पहली विश्व कप जीत है।
गेंदबाजी से रखी नींव
पहले गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने कसी हुई गेंदबाजी से इंग्लैंड को दबाव में रखा। लुसी हैमिल्टन ने पावरप्ले में एमी जोन्स को आउट कर पहली सफलता दिलाई। पावरप्ले के बाद नैट साइवर-ब्रंट और डैनी वायट-हॉज ने संभलकर खेला। साइवर-ब्रंट ने दो चौके लगाए, लेकिन सदरलैंड ने वायट-हॉज को LBW आउट किया। पावरप्ले में इंग्लैंड का स्कोर 39/2 रहा।
एलिस कैप्सी ने नौवें ओवर में गार्डनर पर 16 रन बटोरे, लेकिन मोलिन्यू ने उन्हें 23 रन पर क्लीन बोल्ड किया। गार्थ ने हीथर नाइट को LBW आउट किया। फ्रेया केम्प ने आखिरी ओवरों में आक्रामक खेल दिखाते हुए 28 गेंदों में 44* रन बनाए। साइवर-ब्रंट ने अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इंग्लैंड 150/4 पर ही सिमटा।
मूनी-लिचफील्ड की शानदार साझेदारी
ऑस्ट्रेलिया ने तेज शुरुआत की। वोल ने 11 गेंदों में तीन चौके मारे, लेकिन LBW आउट हो गईं। इसके बाद बेथ मूनी और फोएबी लिचफील्ड ने मैच पलट दिया। दोनों ने 67 गेंदों में 100 रन की साझेदारी की। लिचफील्ड ने डीन पर छक्का मारा, बेल को दो चौके मारे।
मूनी ने 38 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। लिचफील्ड 48 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक जीत पक्की थी। मूनी ने केम्प पर तीन चौके मारकर मैच खत्म किया। वे 64 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने आसान जीत दर्ज की।
संक्षिप्त स्कोर: इंग्लैंड 150/4 (साइवर-ब्रंट 58*, केम्प 44*; गार्थ 1-20) पराजित ऑस्ट्रेलिया से 153/3 (मूनी 64, लिचफील्ड 48; डीन 1-28) 7 विकेट से।
