चर्चा के मुख्य बिंदु: गौड़ की चमक, बाएं हाथ की बल्लेबाज़ों का शानदार प्रदर्शन
क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड को ध्वस्त करते हुए पांच विकेट चटकाए और भारत को लॉर्ड्स में 115 रनों की बढ़त दिलाई। इसके बाद स्मृति मंधाना के नेतृत्व में बल्लेबाजों ने इस बढ़त को 269 रनों तक पहुंचा दिया। नौ विकेट शेष और दो दिन बाकी, भारत ने इंग्लैंड की धरती पर महिला टेस्ट में अपना अपराजित रिकॉर्ड बनाए रखने की संभावनाएं मजबूत कर ली हैं।
क्रांति गौड़ का निर्णायक प्रदर्शन
हरमनप्रीत कौर ने दूसरे दिन की पहली गेंद श्री चरणी को सौंपी, लेकिन जल्दी ही तेज गेंदबाजी की ओर रुख किया और क्रांति गौड़ को गेंद थमाई। गौड़ ने अपनी लेंथ सही रखी और गेंद को सीम कराया। उन्होंने एलिस कैप्सी को आउट किया, वहीं माया बाउचर और नैट साइवर-ब्रंट को भी पवेलियन भेजा। गौड़ ने पांचवां विकेट लेकर लॉर्ड्स की ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया। हरमनप्रीत ने पूरे दिन आक्रामक गेंदबाजी बदलाव किए।
एमी जोन्स का जवाबी हमला
टेस्ट में बल्लेबाजों का पीछे हटने का रुझान नहीं दिख रहा है। एमी जोन्स ने भारतीय स्पिनरों की ढीली गेंदों पर हमला बोला और 59 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने आधी वॉली को बाउंड्री तक पहुंचाया और इंग्लैंड को सुबह के सत्र में तीन विकेट के बावजूद तेजी से रन बनाने में मदद की।
श्री चरणी के लिए मुश्किल शुरुआत
श्री चरणी का टेस्ट प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने पहली पारी में आठ ओवर डाले और 41 रन दिए। उनकी लेंथ सही नहीं थी, और 48 में से 25 गेंदें फुल थीं, जिनसे 29 रन बने। दूसरे सत्र में उन्हें गेंदबाजी नहीं दी गई।
बाएं हाथ की बल्लेबाजों ने भारत को बढ़त दिलाई
शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने 88 रनों की साझेदारी की। मंधाना ने धीमी शुरुआत के बाद तेजी से रन बनाए। शैफाली के आउट होने के बाद मंधाना और यास्तिका भाटिया ने स्पिनरों के खिलाफ पैरों का बेहतरीन उपयोग किया। दोनों बाएं हाथ की बल्लेबाजों ने स्पिन के खिलाफ 166.66 के स्ट्राइक रेट से 35 रन बनाए, जिससे भारत का दिन शानदार रहा।
