नावेद नवाज़ ने बांग्लादेश में बायोमैकेनिक्स लैब की वकालत की
बांग्लादेश के अंडर-19 विश्व कप विजेता कोच नावेद नवाज़ की नई भूमिका: कोच एजुकेटर और अंडर-23 टीम के कोच।
कोच एजुकेशन पर दृष्टिकोण
नवाज़ ने कहा कि बांग्लादेश में स्थानीय कोचों के लिए अपना पाठ्यक्रम विकसित किया जाएगा, जो ICC के अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों से अलग होगा। यह स्थानीय ज़रूरतों और चुनौतियों पर आधारित होगा।
बायोमैकेनिक्स पर राय
बायोमैकेनिक्स को सरल शब्दों में समझाते हुए नवाज़ ने कहा कि यह खेल में शरीर की कार्यप्रणाली है। उन्होंने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के लिए अपना बायोमैकेनिक्स लैब विकसित करने का सुझाव दिया, जो:
- गेंदबाजी एक्शन में सुधार
- चोटों की रोकथाम और पुनर्वास
- तेज़ गेंदबाजों की चोट संबंधी समस्याओं के समाधान में मददगार होगा
यह लैब सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि अन्य खेलों (जैसे फुटबॉल) के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
अंडर-23 प्रोग्राम का उद्देश्य
नवाज़ ने इसे अंडर-19 प्रोग्राम का विस्तार बताया। इसका लक्ष्य:
- देर से उभरने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका देना
- घरेलू क्रिकेट और BPL के लिए बेहतर तैयारी
- राष्ट्रीय टीम के लिए मजबूत फीडर सिस्टम तैयार करना
अंडर-19 के अनुभव का लाभ उठाकर वे खिलाड़ियों की कमियों को दूर करने और सीनियर क्रिकेट में संक्रमण को आसान बनाने की योजना बना रहे हैं।
