चर्चा के बिंदु: रूट की निश्चितता, भारत की कमज़ोरी
इंग्लैंड ने 234 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सीरीज़ बराबर की, जिसमें जो रूट का अहम योगदान रहा। वह 99* पर नाबाद रहे, लेकिन कार्डिफ़ में उन्होंने एक बार फिर ODI टीम में अपनी अटूट जगह साबित कर दी। इंग्लैंड के लिए अभी और भी मुद्दे सुलझाने बाकी हैं।
वहीं भारत के लिए मध्यक्रम के पतन और रूट के सामने गेंदबाज़ी के फ्लॉप होने से टीम को निराशा हुई। अंत में उनके पास पर्याप्त रन नहीं थे।
शुभमन गिल ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन एक तेज़ कैच के शिकार हुए। रोहित शर्मा बिल्कुल उलट थे – उनका पहला रन 12वें ओवर में आया, वह भी ड्रॉप कैच के बाद। 29.1% फॉल्स शॉट्स खेलते हुए वह अपने सबसे धीमे 25+ स्कोर पर आउट हुए। नौ डॉट्स के बाद विल जैक्स को स्वीप करने के प्रयास में पवेलियन लौटे।
कोहली का ODI दबदबा जारी
विराट कोहली ने पिछले नौ ODI में सातवीं बार 50+ स्कोर बनाया। कार्डिफ़ में उन्होंने शानदार फुटवर्क से चौके जड़े, लेकिन 21 गेंदों में बाउंड्री न लगने के बाद आर्चर की शॉर्ट बॉल पर आउट हो गए।
आर्चर ने मध्यक्रम को तोड़ा
31वें ओवर में आर्चर की वापसी ने कोहली को पवेलियन भेजा। 178/3 से भारत 193/7 तक सिमट गया। मध्यक्रम की कमज़ोरी साफ़ दिखी, खासकर केएल राहुल के बिना। बुमराह के छोटे से कैमियो ने भारत को 200 पार पहुंचाया।
बुमराह का दबदबा
बुमराह ने शुरुआती चार ओवरों में 1/17 लेकर इंग्लैंड को झकझोरा। जैकब बेथेल और रूट को उनकी सटीक यॉर्कर से परेशान किया। लेकिन पावरप्ले के बाद इंग्लैंड 51/2 तक पहुंच ही गया।
गिल का आक्रमण प्रबंधन
रूट ने अपनी सधी बल्लेबाज़ी से पारी संभाली। सैम कुरेन को बटलर से ऊपर भेजा गया, क्योंकि वाशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग की समस्या से बाहर थे। गिल ने बुमराह और कृष्णा को वापस बुलाकर बटलर को आउट करवाया। अक्षर पटेल ने घूमती गेंदों से दबाव बनाया, लेकिन रूट ने 50 गेंदों तक कोई बाउंड्री नहीं लगने दी और लगातार पांचवीं बार ODI फिफ्टी जड़ी।
शॉर्ट बॉल की देर से आई योजना
गिल ने बुमराह का दूसरा स्पैल 41वें ओवर तक टाला। इससे पहले ब्रार की शॉर्ट बॉल से जैक्स आउट हुए, लेकिन रूट पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आखिरी ओवर में एटकिंसन ने बुमराह को छक्का जड़ा, लेकिन सवाल उठता है कि शॉर्ट बॉल की रणनीति पहले क्यों नहीं अपनाई गई।
