BCCI ने OCA से चुनाव कराने को कहा, राज्य इकाई ने राष्ट्रीय खेल अधिनियम का हवाला दिया
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और उसकी राज्य इकाई ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन (OCA) के बीच लोढ़ा समिति के फैसलों, राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम और क्रिकेट प्रशासन को लेकर मतभेद सामने आए हैं। यह विवाद अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
BCCI ने स्पष्ट किया है कि OCA को तुरंत चुनाव कराने होंगे, वरना फंड रोकने और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है। वहीं, OCA का कहना है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के प्रभाव को देखते हुए चुनाव टाल दिए गए हैं। बता दें कि OCA के चुनाव अक्टूबर 2025 में होने थे, लेकिन अब तक दो बार स्थगित किए जा चुके हैं।
BCCI की कानूनी टीम की वरिष्ठ प्रबंधक मेलिंडा कोलाको ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि OCA को तुरंत चुनाव कराना अनिवार्य है। साथ ही, किसी पदाधिकारी का लगातार दो साल से अधिक कार्यकाल में रहना नियमों का उल्लंघन है। यह OCA के अपने उपनियमों, BCCI के MoA और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विरुद्ध होगा।
BCCI का यह हस्तक्षेप पूर्व ओडिशा क्रिकेटर और कोच ललितेंदु बिद्याधर मोहापात्रा की याचिका के बाद हुआ है, जिन्होंने OCA में चुनाव कराने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिका में कहा गया है कि लोढ़ा प्रावधानों का पालन न करने पर एसोसिएशन BCCI के नियमों के तहत अनुदान पाने की हकदार नहीं रहेगी। साथ ही, यदि कोई एसोसिएशन लगातार दो साल तक इसी स्थिति में रहती है, तो BCCI उसकी सदस्यता रद्द कर सकती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश OCA पर बाध्यकारी हैं।
OCA के अध्यक्ष पंकज मोहंती, सचिव संजय बेहेरा और कोषाध्यक्ष बिकाश प्रधान अक्टूबर 2019 से अपने पदों पर बने हुए हैं।
OCA ने कोर्ट के समक्ष कहा है कि उसकी आम बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि खेल अधिनियम के प्रभाव का आकलन पहले किया जाए, खासकर तब जब केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय ने दिसंबर 2026 तक खेल निकायों के चुनाव स्थगित करने की सिफारिश की है।
सचिव बेहेरा ने कोर्ट में कहा कि चुनाव 2028 में अमेरिका में होने वाले ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किए जाने और नए खेल अधिनियम के प्रभाव को देखते हुए स्थगित किए गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के उस सर्कुलर का भी जिक्र किया, जिसमें राष्ट्रीय खेल महासंघों के चुनाव 31 दिसंबर 2026 तक टालने की बात कही गई है।
हालांकि, BCCI का रुख अलग है। कोलाको ने हलफनामे में कहा है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 लागू होने के बावजूद क्रिकेट को इस अधिनियम के दायरे में अधिसूचित नहीं किया गया है।
OCA ने दो बार विशेष आम बैठकें कीं – 31 अगस्त 2025 और 22 फरवरी 2026 – जिनमें चुनाव स्थगित करने का प्रस्ताव पास हुआ। पहला स्थगन भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच 9 दिसंबर के T20I मैच के लिए और दूसरा मंत्रालय की सिफारिश के कारण किया गया था।
दोनों पक्षों ने अपने हलफनामों में यह सवाल उठाया है कि क्या क्रिकेट प्रशासन और चुनाव कराना सार्वजनिक कर्तव्य के दायरे में आता है। BCCI ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि BCCI महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य करता है और इसलिए वह रिट क्षेत्राधिकार के अधीन है।
अगली सुनवाई गुरुवार (27 अगस्त) को होगी।
