मोंटी देसाई की नियुक्ति: क्रिकेट कनाडा के लिए एक संभावित बदलाव की शुरुआट
मोंटी देसाई को कनाडाई पुरुष टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। यह फैसला क्रिकेट कनाडा के इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे दौर में आया है और संस्था में पेशेवराना बदलाव का संकेत हो सकता है।
पृष्ठभूमि
यह नियुक्ति 15 अप्रैल को CBC News द्वारा किए गए खुलासों के दो सप्ताह बाद हुई है, जिसमें क्रिकेट कनाडा में प्रशासनिक विफलताओं और कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया गया था। इससे पहले, अदालत के आदेश पर पूर्व अध्यक्ष अमजद बाजवा को हटाया गया, प्रइम पर्सौद को 9 अप्रैल की विशेष आम बैठक में बाहर किया गया, और पूर्व सचिव मनींदर गिल ने इस्तीफा दिया।
उसी बैठक में अमरिंदर खोसा को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो 9 मई तक बोर्ड का नेतृत्व करेंगे।
मोंटी देसाई की नियुक्ति का महत्व
देसाई का कार्यकाल पुबुदु दासानायके (2024) के जाने के बाद विवादास्पद कोचिंग विकल्पों से अलग है। उनके पास IPL जैसे उच्च प्रदर्शन वातावरण का अनुभव है।
देसाई की नियुक्ति जवाबदेही लाती है। उनकी स्वतंत्रता टीम संस्कृति और कप्तानी जैसे महत्वपूर्ण फैसलों को प्रभावित करेगी, जो हाल ही में विवादों में रहा है।
चुनौतियां
अंतरिम अध्यक्ष खोसा CBC जांच के बाद सवालों के घेरे में हैं। रिपोर्ट में बिश्नोई गिरोह से उनके संबंधों का उल्लेख है, जिसे खोसा ने खारिज किया है।
22 वर्षीय दिलप्रीत बाजवा को T20 विश्व कप से पहले कप्तान बनाया गया था, जिसे संदेह की दृष्टि से देखा गया। ICC कथित स्पॉट-फिक्सिंग के लिए उनकी जांच कर रहा है।
AGM में एजेंडा
कम से कम पांच निदेशक पदों के लिए चुनाव होंगे, जिसमें अमजद बाजवा के सहयोगी राणा इमरान भी शामिल हैं। GT20 कनाडा लीग के अधिकार 50 साल के लिए NCL को देने का विवादास्पद फैसला भी जांच के दायरे में आएगा।
संक्षेप में: मोंटी देसाई की नियुक्ति एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली बदलाव 9 मई के AGM पर निर्भर करेगा।
