भाई का वो इशारा जिसने यशराज पुंजा की क्रिकेट की राह बदल दी
जब यशराज पुंजा 19 अप्रैल को ईडन गार्डन्स में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने उतरे, तो उनके परिवार में एक और क्रिकेटर था जो उनसे कम नर्वस नहीं था – उनके बड़े भाई योधिन।
"मुझे नहीं पता था कि खुद खेलने से भी ज्यादा नर्वस होने वाली चीज हो सकती है, जब तक मैंने यह अनुभव नहीं किया," योधिन कहते हैं। "यह ऐसा है जैसे आप खेल रहे हैं, लेकिन आपका कोई कंट्रोल नहीं है।"
योधिन खुद एक होनहार क्रिकेटर थे – 16 साल की उम्र में UAE के सबसे युवा ODI क्रिकेटर बने थे। लेकिन बाद में उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया। अब वे लंदन में Deloitte में ऑडिटर हैं।
यश की कहानी तब बदली जब उन्होंने तेज गेंदबाजी छोड़कर लेग स्पिन अपनाई। यह बदलाव उनके भाई की वजह से हुआ। "जब हम घर के छोटे से गलियारे में खेलते थे, तो केवल स्पिन गेंदबाजी की इजाजत थी," योधिन बताते हैं। "तब मैंने देखा कि जब वह मजाक में लेग स्पिन करता, तो उसकी गेंद गूगली बन जाती। यह एक ऐसी स्किल है जिसे कई क्रिकेटर विकसित करने में काफी समय लगाते हैं।"
फिर आया 6 फुट 5 इंच का कद, जिसने उनकी गेंदबाजी को और घातक बना दिया। बेंगलुरु के द्रविड़-पादुकोण अकादमी में समर कैंप के दौरान राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट डायरेक्टर जुबिन भरूचा की नजर उन पर पड़ी।
भारत में आने के बाद यश ने महाराजा ट्रॉफी में हुबली टाइगर्स के लिए 10 मैचों में 23 विकेट लेकर सबको प्रभावित किया। IPL नीलामी में RR ने उन्हें चुना और डेब्यू के बाद उन्होंने अनुभवी रवि बिश्नोई से पहले खेलने का मौका पाया।
चार मैचों में यश ने लेग-ब्रेक के मुकाबले लगभग उतनी ही गूगली फेंकी है। वही गूगली जो भाई ने सालों पहले गलियारे में देखी थी – एक भाईचारे के सपने की नींव बन गई।
