चर्चा के मुख्य बिंदु: भारत और अक्षर की शानदार वापसी
भारत ने आखिरकार इस दौरे पर एक जरूरी जीत दर्ज की। तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड को 80/5 पर सीमित करके जीत की नींव रखी, फिर अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और शुभमन गिल ने लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत दिलाई।
फॉर्मेट बदला, किस्मत बदली
भारत को इस जीत की सख्त जरूरत थी। पिछले कुछ हफ्तों में लगातार हार के बाद, फॉर्मेट बदलाव और कुछ बड़े नामों की वापसी ने भारत को जीत की उम्मीद दी। जसप्रीत बुमराह ने करीब तीन साल में पहला वनडे खेला और ऐसा लगा ही नहीं कि वह लंबे अंतराल के बाद मैदान पर उतरे हैं।
जैकब बेथेल का प्रयोग विफल
इंग्लैंड के नए ओपनिंग प्रयोग की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जैकब बेथेल मूवमेंट से जूझते रहे और 13 गेंदों पर खाता खोला। जब एक बार टाइमिंग सही हुई, तो सीधे डीप में फील्डर को कैच दे बैठे।
लियाम डॉसन का उदय
36 साल की उम्र में और 10 से कम वनडे खेलने के बावजूद, डॉसन ने साबित किया कि वह इंग्लैंड की 50 ओवर की योजनाओं में अहम हो सकते हैं। 80/5 से टीम को संभाला और रूट के साथ सेंचुरी पार्टनरशिप करते हुए अपना पहला वनडे अर्धशतक जड़ा।
जो रूट: अब भी भरोसेमंद
रूट ने एक छोर संभाले रखा और लगातार चौथी बार 50+ स्कोर बनाया। लेकिन दूसरे छोर से साथ न मिलने के कारण वह अनकैपिटेड रह गए।
भारत के दिग्गजों की नाकामी
विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों एक ही मैच में फेल हुए – एक दुर्लभ नजारा। रोहित 15 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हुए, कोहली आर्चर की गेंद पर LBW हुए और केएल राहुल सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे। तीनों मिलकर सिर्फ 17 रन बना पाए।
अक्षर पटेल का शानदार प्रदर्शन
सिडनी के बाद पहला वनडे खेल रहे अक्षर ने चार विकेट लिए और नाबाद अर्धशतक जड़ा। गेंद से सेंचुरी पार्टनरशिप तोड़ी और बल्ले से वाशिंगटन के साथ 100+ की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। प्लेयर ऑफ द मैच बनना उनके ऑलराउंड प्रदर्शन का सबूत है।
