राहुल और पडिक्कल की 'कॉफी' दोस्ती
गॉल टेस्ट के चौथे दिन का एक दिल छू लेने वाला पल था केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल के बीच की गहरी दोस्ती। डीआरएस समीक्षा के दौरान पडिक्कल की सलाह पर राहुल बच गए और सीनियर बल्लेबाज ने उन्हें कसकर गले लगा लिया – हेलमेट की ग्रिल के कारण चुंबन नहीं हो पाया, लेकिन भावना साफ दिखी। श्रीलंका के खिलाफ इस टेस्ट में यह एक दुर्लभ सुखद क्षण था।
इनकी दोस्ती मैदान से कहीं आगे की है। कर्नाटक के इस जोड़ी के करीबी दोस्तों के मुताबिक, दोनों विदेशी दौरों पर अक्सर कॉफी की तलाश में शहरों की सैर करते हैं। कभी-कभी यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल और कर्नाटक के ही साथी प्रसिद्ध कृष्णा भी उनके साथ जुड़ जाते हैं।
श्रीलंका दौरे से पहले दोनों ने स्पिन खेलने की विशेष प्रैक्टिस की, जिसका नतीजा तुरंत दिखा – राहुल ने 211 रन (शतक सहित) और पडिक्कल ने 117 रन (अर्धशतक सहित) बनाए। दोनों ने मिलकर मैच की दोनों पारियों में कुल 227 रन की साझेदारी की।
पडिक्कल ने कहा, "केएल के साथ बल्लेबाजी हमेशा आनंददायी रही है। वह मेरी बल्लेबाजी की लय समझते हैं और मैं भी उनकी। जब ऐसी केमिस्ट्री होती है, तो साझेदारी लंबी चलती है।"
लखनऊ से आरसीबी तक का सफर
राहुल (34) और पडिक्कल (26) ने कर्नाटक के लिए साथ में 27 मैच खेले हैं – छह रणजी, 13 लिस्ट ए और आठ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी। टेस्ट में यह उनकी दूसरी साझेदारी थी, पहली 2024 में पर्थ में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में।
2024 आईपीएल से पहले राहुल ने लखनऊ सुपर जायंट्स प्रबंधन से पडिक्कल को टीम में लाने की मांग की थी, जिसके लिए अवेश खान को राजस्थान रॉयल्स भेजा गया। हालांकि पडिक्कल उस सीजन में सिर्फ 37 रन बना सके थे, लेकिन आरसीबी से जुड़ने के बाद उन्होंने लगातार दो खिताबी सीजन जीते।
राहुल की नजर में पडिक्कल
राहुल ने पडिक्कल की जमकर तारीफ की, "यह बहुत खास है। देव को अंडर-19 से आते देखा है, कर्नाटक के लिए रनों के पहाड़ बनाए, फिर भारतीय क्रिकेट तक पहुंचे। पिछले दो साल से वह अपने मौके का इंतजार करते हुए नेट्स में मेहनत कर रहे थे। श्रीलंका में उन्होंने पहला शतक जड़ा, यह सबके लिए खास है। करियर की शुरुआत में ऐसा शतक आत्मविश्वास देता है।"
भारतीय उप-कप्तान ने कहा कि पडिक्कल ने वार्म-अप मैच में भी शतक बनाया था और वह अपनी बल्लेबाजी को अच्छी तरह समझते हैं।
