फीफा वर्ल्ड कप 2026 की तकनीक का इस्तेमाल अफगानिस्तान-भारत टी20 सीरीज में
नई दिल्ली में अगले महीने होने वाली अफगानिस्तान-भारत तीन मैचों की टी20 सीरीज के प्रोडक्शन में फीफा वर्ल्ड कप 2026 की तकनीक, कर्मियों और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। सीरीज के अधिकार धारक ITW यूनिवर्स ने कहा है कि वे प्रोडक्शन को फीफा वर्ल्ड कप के स्तर तक उठा रहे हैं।
कंपनी के बयान के अनुसार, "पहली बार किसी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का प्रोडक्शन पूर्ण फीफा वर्ल्ड कप होस्ट-ब्रॉडकास्ट मानकों पर किया जाएगा। जिन लोगों ने फीफा वर्ल्ड कप फाइनल और कई UEFA चैंपियंस लीग फाइनल्स को डायरेक्ट किया है, वे ही गैलरी का नेतृत्व करेंगे।"
सीरीज 13, 15 और 17 सितंबर को खेली जाएगी, जिसका सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर और स्ट्रीमिंग फैनकोड पर होगी।
प्रोडक्शन में AI-स्टेबिलाइज़्ड POV कैमरे, वॉल्यूमेट्रिक फ्री-व्यूपॉइंट तकनीक, एडवांस्ड स्पाइडरकैम, अल्ट्रा-मोशन और सिने-स्टाइल स्टोरीटेलिंग जैसी नई सुविधाएं शामिल होंगी।
सीरीज का निर्देशन जेमी ओकफोर्ड करेंगे, जिन्होंने 2002 से हर फीफा वर्ल्ड कप में निर्देशन किया है। ITW यूनिवर्स के संस्थापक भैरव शांत ने कहा, "हम उनके दर्शन का समर्थन करते हैं, जो दर्शकों को घर का सबसे अच्छा दृश्य देना है।"
सीरीज में क्विडिच इनोवेशन लैब्स का स्पेशियो सिस्टम भी इस्तेमाल होगा, जो स्टेबिलाइज़्ड ड्रोन फीड पर ब्रॉडकास्ट-ग्रेड ऑगमेंटेड रिएलिटी और रियल-टाइम ऑप्टिकल प्लेयर ट्रैकिंग प्रदान करता है।
एक और खासियत होगी अल्ट्रा-स्लो-मोशन कैमरा सिस्टम, जो 600 फ्रेम्स प्रति सेकंड से अधिक पर डिलीवरी, बल्ले का संपर्क, एज, स्टंपिंग और फील्डिंग कैप्चर करेगा।
वॉल्यूमेट्रिक फ्री व्यूपॉइंट तकनीक कैमरों के नेटवर्क से पूरी पिच और हर खिलाड़ी का रियल-टाइम 3D डिजिटल ट्विन बनाएगी। प्रसारक वर्चुअल कैमरे को कहीं भी रख सकेंगे, यहां तक कि एक्शन के अंदर भी।
शांत ने कहा, "हम पिछले 10-12 सालों से क्रिकेट में इस्तेमाल हो रही पुरानी प्रोडक्शन तकनीक से हटना चाहते हैं। यह सीरीज दर्शकों और ब्रांड्स को नए अनुभव देगी।"
