भारत ने कोलंबो टेस्ट में पकड़ मजबूत की, दिनुशा के संघर्ष के बावजूद श्रीलंका 265/8 पर
प्रसिध कृष्णा और मानव सुथार की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन श्रीलंका पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मेजबान टीम दिन का खेल समाप्त होने तक 265/8 पर सिमट गई, हालांकि सोनल दिनुशा के नाबाद 85 रनों की पारी ने श्रीलंका को संघर्ष का रास्ता दिखाया। श्रीलंका अभी भी भारत से 238 रन पीछे है। खराब रोशनी और बारिश के कारण खेल को जल्दी समाप्त करना पड़ा।
श्रीलंका की शुरुआती कोशिशें और प्रसिध का कमाल
अपने दूसरे दिन के स्कोर 8/2 से आगे खेलते हुए श्रीलंका ने कामिल मिशारा और पसिंदु सूरियाबंदरा के साथ सकारात्मक शुरुआत की। लेकिन प्रसिध कृष्णा ने मिशारा (19) को शॉर्ट गेंद पर विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराकर सफलता दिलाई। इसके बाद सूरियाबंदरा ने कामिंदु मेंडिस के साथ मिलकर भारतीय स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और चौथे विकेट के लिए 87 रन जोड़े।
मेंडिस और सूरियाबंदरा का प्रतिरोध
लंच से ठीक पहले शुभमन गिल ने प्रसिध को वापस गेंदबाजी में लाया और उन्होंने मेंडिस (32) को पुल शॉट खेलने के प्रयास में रवींद्र जडेजा को आसान कैच थमाकर पवेलियन भेज दिया। लंच के बाद सूरियाबंदरा ने अपना पहला टेस्ट अर्धशतक पूरा किया और कप्तान धनंजया डी सिल्वा के साथ अच्छी साझेदारी की। हालांकि डी सिल्वा (14 गेंद में) मानव सुथार की गेंद पर एज लगाकर आउट हुए। इसके बाद सूरियाबंदरा ने दिनुशा के साथ 34 रन जोड़े, लेकिन जडेजा ने उनकी पारी (80) का अंत किया।
मध्यक्रम का पतन और दिनुशा का धैर्य
मोहम्मद सिराज ने निरोशन डिकवेला को शून्य पर आउट कर भारत को एक और बड़ी सफलता दिलाई। 173/7 पर श्रीलंका अभी भी 330 रन पीछे था, लेकिन दिनुशा ने केशरा नुवानथा के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 57 रन जोड़े। सुथार ने नुवानथा (18) को आउट कर साझेदारी तोड़ी। दिनुशा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 85 रन बनाए और लाहिरू कुमारा के साथ मिलकर टीम को संभाला। भारत ने नई गेंद ली लेकिन एक और विकेट नहीं ले सका, और खराब रोशनी के कारण 83.4 ओवर में खेल रोकना पड़ा।
संक्षिप्त स्कोर: भारत 503/9 (घोषित) vs श्रीलंका 265/8 (सोनल दिनुशा 85*, पसिंदु सूरियाबंदरा 80; प्रसिध कृष्णा 3-47, मानव सुथार 3-83) से 238 रन पीछे
