
भारत के कप्तान शुबमन गिल का बयान: विश्व कप के लिए तुरंत मुख्य संयोजन चाहिए
प्रयोगात्मक चरण समाप्त
- गिल ने कहा कि तीनों ODIs में भारत ने वेस्ट इंडीज़ के तेज़ बैटिंग के सामने अनुभव से मुकाबला किया, लेकिन गेंदबाज़ी में 1052 रन दिए।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि “प्रयोग करने का समय अब ख़त्म हो गया है” और टीम को जल्द से जल्द विश्व कप के मुख्य संयोजन के साथ खेलना चाहिए।
नवीनीकृत गेंदबाज़ों की स्थिति
- अंशुल कम्बोज (पुडुचेरी ‘A’ टीम से सीधे डेब्यू) ने 9 ओवर में 0/82 दिए, विशेषकर डैथ ओवर में 22 रन conceded।
- औक़िब नबी ने पावरप्ले में 3 ओवर में 35 रन दिए और कुल 0/84 रहे।
- गिल ने कहा, “उनकी पहली बार की शुरुआत कठिन थी, लेकिन उन्हें समय चाहिए।”
मुख्य खिलाड़ी और चोटें
- हार्दिक पांड्या और हर्षित राणा की चोटों के कारण टीम ने विकल्प तलाशे।
- नितीश कुमार रेड्डी ने दो मैचों में 11.5 ओवर में केवल एक विकेट लिया, प्रभाव सीमित रहा।
- प्रसीध कृष्णा की चोट ने अंशुल कम्बोज को नंबर 8 में बैटिंग करने का मौका दिया। गिल ने कहा, “यदि हमें एक ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो गेंदबाज़ी और बैटिंग दोनों कर सके, तो अंशुल और औक़िब दोनों ही उपयुक्त हैं।”
रविंद्र जडेजा का बाहर रहना
- तीसरे मैच में तेज़ गेंदबाज़ी को मजबूत करने के लिए जडेजा को छोड़ दिया गया।
- गिल ने कहा, “तीन मैचों की श्रृंखला में सभी खिलाड़ियों को मौका देना मुश्किल है; भविष्य में चयनकों के साथ चर्चा करेंगे।”
फ़ील्डिंग की कमी
- गिल ने पूरे श्रृंखला में लगभग सात कैच गिरने और कई रन देने की ओर इशारा किया।
- उन्होंने कहा, “विश्व कप के लिए फ़ील्डिंग को शीर्ष स्तर पर होना चाहिए, क्योंकि यह बॉलर्स की मदद करता है।”
आगे की योजना
- गिल ने दोहराया, “हमारी प्राथमिकता है कि अगले सीरीज़ से सभी फिट खिलाड़ियों को लेकर विश्व कप के मुख्य संयोजन के साथ खेलना।”
- चोटों और चयन के मामलों पर उनका कहना है कि “कौन फिट रहेगा, यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमें बैक‑अप तैयार रखने चाहिए।”
यह लेख शुबमन गिल के इंटरव्यू और टीम की वर्तमान स्थिति पर आधारित है, जिसमें प्रयोगात्मक चरण समाप्त करने और विश्व कप के लिए मुख्य संयोजन तैयार करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।


